लंबी और छोटी अवधि की प्रतिस्पर्धा के चलते इस्पात बाजार में मंदी जारी रह सकती है।
इस सप्ताह के शुरुआती भावों में गिरावट आई, व्यापारियों में काफी मतभेद देखने को मिला और कुछ अभी भी तेजी के रुख पर कायम थे। हालांकि, हाजिर बाजार में लेनदेन अच्छा नहीं रहा और बाजार में मची अफरा-तफरी का ही इसमें सबसे बड़ा हाथ था। नीति में लगातार सुधार हो रहा है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया के नजरिए से देखें तो इसका मौजूदा प्रभाव मध्यम है और बाजार के खिलाड़ी अभी भी आपूर्ति और मांग के ढांचे में ही बने हुए हैं। हालांकि आपूर्ति पक्ष में उत्पादन में कुछ कमी आई है, लेकिन यह कमी मामूली है और मांग की सुस्ती को पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकती।
आज घरेलू ब्लैक फ्यूचर्स की कीमतें लगातार गिर रही हैं, खासकर दोपहर में गिरावट और बढ़ गई है, जिससे बाजार में नकारात्मक माहौल बना हुआ है। स्पॉट प्राइस इस गिरावट की भरपाई कर रहा है, जिसके चलते लेनदेन कमजोर है।
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अभी तक घरेलू आपूर्ति पक्ष की उत्पादन गति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। हालांकि कोक की कीमत बढ़ी है, लेकिन इस्पात मिल के मुनाफे में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है और फिलहाल इस्पात मिल की उत्पादन गति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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सामान्य तौर पर, बाजार का ध्यान वर्तमान आपूर्ति और मांग संरचना पर केंद्रित है। मांग में सुधार शुरू हो रहा है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नहीं। बाजार में सुधार की गुंजाइश तो है, लेकिन इसकी दिशा बदलना मुश्किल है। फिलहाल, सट्टेबाजी का जोखिम बढ़ रहा है और बाजार का रुख मंदी की ओर है। यदि मांग में कोई स्पष्ट सुधार नहीं होता है, तो मंदी का रुख बना रहेगा।
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पोस्ट करने का समय: 14 जून 2022
